अंतर्राष्ट्रीय सीमाएँ (International Borders) और प्रमुख सीमांकन रेखाएँ

अंतर्राष्ट्रीय सीमाएँ (International Borders) और प्रमुख सीमांकन रेखाएँ

1. मैकमोहन रेखा (McMahon Line)

  • देश: भारत एवं चीन
  • निर्धारण: 1914 में सिमला समझौते के तहत ब्रिटिश भारत और तिब्बत के बीच तय की गई थी।
  • महत्व:
    • चीन इस रेखा को मान्यता नहीं देता और अरुणाचल प्रदेश को दक्षिण तिब्बत का हिस्सा मानता है।
    • भारत इसे अपनी आधिकारिक सीमा मानता है।

2. रेडक्लिफ रेखा (Radcliffe Line)

  • देश: भारत एवं पाकिस्तान
  • निर्धारण: 1947 में सीरिल रेडक्लिफ द्वारा भारत और पाकिस्तान के बीच सीमा निर्धारित की गई।
  • महत्व:
    • भारत के विभाजन के समय इसे पंजाब और बंगाल प्रांतों के बीच सीमा रेखा के रूप में खींचा गया।
    • इससे कई विवाद और साम्प्रदायिक हिंसा हुई।

3. हिण्डनबर्ग रेखा (Hindenburg Line)

  • देश: जर्मनी एवं पोलैंड
  • निर्धारण: प्रथम विश्व युद्ध (1919) के बाद जर्मनी की पश्चिमी सीमा को परिभाषित करने के लिए बनाई गई।
  • महत्व:
    • यह सीमा जर्मन सैनिकों की वापसी के लिए तय की गई थी।

4. 38वीं समानान्तर रेखा (38th Parallel Line)

  • देश: उत्तर कोरिया एवं दक्षिण कोरिया
  • निर्धारण: द्वितीय विश्व युद्ध के बाद 1945 में कोरिया को दो भागों में विभाजित करने के लिए बनाई गई।
  • महत्व:
    • 1950-53 के कोरियाई युद्ध के बाद भी यह विभाजन बरकरार रहा।
    • आज भी यह उत्तर और दक्षिण कोरिया के बीच एक विवादित सैन्य क्षेत्र है।

5. मैजिनॉट रेखा (Maginot Line)

  • देश: फ्रांस एवं जर्मनी
  • निर्धारण: प्रथम विश्व युद्ध के बाद फ्रांस ने जर्मनी से सुरक्षा के लिए यह मजबूत किलेबंदी बनाई।
  • महत्व:
    • द्वितीय विश्व युद्ध (1940) में जर्मनी ने इसे पार कर फ्रांस पर आक्रमण किया।

6. 49वीं समानान्तर रेखा (49th Parallel Line)

  • देश: अमेरिका एवं कनाडा
  • निर्धारण: 1818 में अमेरिका और ब्रिटिश कनाडा के बीच सीमा तय करने के लिए।
  • महत्व:
    • यह दुनिया की सबसे लंबी शांतिपूर्ण सीमा मानी जाती है।
    • व्यापार और आवाजाही के लिए महत्वपूर्ण है।

7. मेनरहीम रेखा (Mannerheim Line)

  • देश: रूस एवं फिनलैंड
  • निर्धारण: 1920 में फिनलैंड ने रूस के आक्रमण से बचाव के लिए यह सुरक्षा रेखा बनाई।
  • महत्व:
    • 1939-40 के सोवियत-फिनिश युद्ध (Winter War) के दौरान यह रेखा प्रसिद्ध हुई।
    • अंततः सोवियत संघ ने इस क्षेत्र पर कब्ज़ा कर लिया।

8. डूरंड रेखा (Durand Line)

  • देश: पाकिस्तान एवं अफगानिस्तान
  • निर्धारण: 1893 में ब्रिटिश अधिकारी सर मॉर्टिमर डूरंड और अफगानिस्तान के बीच यह सीमा तय की गई।
  • महत्व:
    • यह खैबर पख्तूनख्वा और बलूचिस्तान क्षेत्रों को अफगानिस्तान से अलग करती है।
    • अफगानिस्तान इस रेखा को नहीं मानता और इसे विवादित मानता है।

अन्य महत्वपूर्ण अंतर्राष्ट्रीय सीमाएँ

सीमा रेखा देश महत्व
सिग्फ्राइड रेखा (Siegfried Line) जर्मनी एवं फ्रांस द्वितीय विश्व युद्ध में जर्मनी ने अपनी पश्चिमी सुरक्षा के लिए बनाई।
ओडर-नीसे रेखा (Oder-Neisse Line) जर्मनी एवं पोलैंड द्वितीय विश्व युद्ध के बाद जर्मनी और पोलैंड के बीच नई सीमा बनी।
लाइन ऑफ कंट्रोल (LoC) भारत एवं पाकिस्तान 1972 के शिमला समझौते के तहत जम्मू-कश्मीर में नियंत्रण रेखा बनी।
लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल (LAC) भारत एवं चीन वास्तविक नियंत्रण रेखा, जो दोनों देशों के बीच विवादित क्षेत्र को दर्शाती है।
ग्रीन लाइन (Green Line) साइप्रस यह तुर्की और ग्रीस समर्थित साइप्रस क्षेत्रों को अलग करती है।

निष्कर्ष

अंतर्राष्ट्रीय सीमाएँ इतिहास, युद्ध और राजनीतिक समझौतों का परिणाम होती हैं। कई सीमाएँ विवादित हैं, जबकि कुछ शांतिपूर्ण रूप से स्वीकार की जाती हैं। भारत की सीमाओं में मैकमोहन रेखा, रेडक्लिफ रेखा, डूरंड रेखा और LAC विशेष रूप से महत्वपूर्ण हैं।

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