Nand vansh ka pramukh shasak kaun Tha | Nand Vansh | नंद वंश
नन्द वंश से जुड़े महत्त्वपूर्ण तथ्य 1. नन्दवंश की स्थापना सम्राट महापद्मनंद ने 344 ई.पू. की। 2. पुराणों में महापद्मनंदको सर्वक्षत्रांतक तथा भार्गव कहा गया है । 3. सम्राट महापद्मनंद ने निकटवर्ती सभी राजवंशो को जीतकर एक विशाल साम्राज्य की स्थापना की। 4. सम्राट महापद्मनंद को ही नन्द वंश का प्रमुख शासक माना जाता है। 5. सम्राट महापद्मनंद ने ही केंद्रीय शासन की व्यवस्था लागू की इसीलिए सम्राट महापदम नंद को " केंद्रीय शासन पद्धति का जनक " कहा जाता है। 6. महापद्मनंद के 8 पुत्र थे , जिनमे धनानंद , सिकंदर के समकालीन था। 7. धनानन्द एक लालची था। 8. असीम शक्ति और सम्पत्ति के बावजूद वह प्रजा के विश्वाास को नहीं जीत सका । 9. उसने महान विद्वान कूटनीतिज्ञ चाणक्य को अपमानित किया था । 10. जिसके पश्चात चाणक्य ने अपनी कूटनीति से चन्द्रगुप्त मौर्य के साथ मिलकर धनानन्द को पराजित कर उसकी हत्या की और चन्द्रगुप्त मौर्य को मगध का शासक बनाया । 11. यूनानी लेखकों ने धनानंद को अग्रमीज कहा है।