योग से शुरुआत – शुरुआती लोगों के लिए आसान योगासन
योग केवल एक व्यायाम नहीं, बल्कि यह शरीर, मन और आत्मा के संतुलन की कला है। अगर आप पहली बार योग शुरू करना चाहते हैं, तो सही योगासन चुनना और नियमित अभ्यास करना बहुत ज़रूरी है। शुरुआती लोगों के लिए योग की शुरुआत आसान आसनों से करनी चाहिए, ताकि शरीर धीरे-धीरे लचीलापन और स्थिरता हासिल करे। आइए जानते हैं ऐसे कुछ सरल और प्रभावी योगासन जो हर उम्र के व्यक्ति के लिए उपयुक्त हैं।
योग शुरू करने से पहले की तैयारी
योग अभ्यास से पहले कुछ बातों का ध्यान रखना ज़रूरी है:
- खाली पेट या हल्के नाश्ते के 2 घंटे बाद योग करें।
- कपड़े ढीले और आरामदायक पहनें।
- शांत वातावरण और साफ़ जगह का चुनाव करें।
- योग से पहले कुछ मिनट ध्यान (Meditation) करें ताकि मन एकाग्र हो।
1. ताड़ासन (Tadasana)
यह सबसे आसान और बुनियादी योगासन है। इसे करने से शरीर का पोश्चर सुधरता है और रीढ़ सीधी रहती है।
कैसे करें: पैरों को जोड़कर सीधे खड़े हो जाएँ, दोनों हाथों को सिर के ऊपर ले जाएँ और पंजों के बल खड़े होकर शरीर को ऊपर खींचें।
लाभ: यह शरीर की लंबाई बढ़ाने में मदद करता है, रक्त संचार बेहतर बनाता है और मांसपेशियों को सक्रिय रखता है।
2. वज्रासन (Vajrasana)
भोजन के बाद किया जाने वाला यह आसन पाचन के लिए अत्यंत लाभकारी है।
कैसे करें: घुटनों को मोड़कर एड़ियों पर बैठ जाएँ, पीठ सीधी रखें और हाथों को घुटनों पर रखें।
लाभ: यह गैस, एसिडिटी और मोटापे को कम करता है तथा मानसिक शांति प्रदान करता है।
3. भुजंगासन (Bhujangasana)
इसे “कोबरा पोज़” भी कहा जाता है क्योंकि इस आसन में शरीर का ऊपरी भाग फन उठाए सर्प जैसा दिखता है।
कैसे करें: पेट के बल लेटकर हाथों को कंधों के पास रखें और धीरे-धीरे सिर व छाती को ऊपर उठाएँ।
लाभ: यह रीढ़ की हड्डी को मजबूत बनाता है, पीठ दर्द में राहत देता है और छाती के अंगों को सक्रिय करता है।
4. शवासन (Shavasana)
यह योगासन शरीर को पूरी तरह विश्राम देने वाला आसन है।
कैसे करें: पीठ के बल लेटकर हाथ-पैरों को ढीला छोड़ दें, आँखें बंद करें और गहरी सांस लें।
लाभ: तनाव कम करता है, मानसिक थकान दूर करता है और ऊर्जा पुनः प्राप्त करने में मदद करता है।
5. पवनमुक्तासन (Pawanmuktasana)
यह आसन पेट की गैस और पाचन से जुड़ी समस्याओं को दूर करने में मदद करता है।
कैसे करें: पीठ के बल लेटें, एक पैर को मोड़कर छाती की ओर खींचें और दोनों हाथों से पकड़ें। कुछ सेकंड बाद दूसरा पैर करें।
लाभ: यह पेट की चर्बी घटाने में मदद करता है और पाचन को सुधारता है।
6. सेतु बंधासन (Setu Bandhasana)
यह आसन रीढ़ की लचीलापन और हृदय के स्वास्थ्य के लिए बहुत फायदेमंद है।
कैसे करें: पीठ के बल लेटकर घुटनों को मोड़ें और कमर को ऊपर उठाएँ। हाथों को ज़मीन पर रखें।
लाभ: यह पीठ दर्द को कम करता है और शरीर में रक्त प्रवाह बढ़ाता है।
7. सुखासन (Sukhasana)
यह आसन ध्यान और प्राणायाम के लिए सबसे उपयुक्त माना जाता है।
कैसे करें: ज़मीन पर पालथी मारकर बैठें, रीढ़ सीधी रखें और आँखें बंद कर सांसों पर ध्यान दें।
लाभ: मानसिक शांति, ध्यान और सकारात्मक सोच बढ़ाता है।
योग के नियमित अभ्यास के लाभ
योग का नियमित अभ्यास न केवल शरीर को फिट रखता है बल्कि मानसिक स्वास्थ्य को भी बेहतर बनाता है।
- तनाव और चिंता में कमी आती है।
- शरीर में लचीलापन और संतुलन बढ़ता है।
- रक्तचाप और शुगर का नियंत्रण होता है।
- नींद की गुणवत्ता बेहतर होती है।
- आत्मविश्वास और एकाग्रता में वृद्धि होती है।
निष्कर्ष
योग जीवन जीने की एक वैज्ञानिक और आध्यात्मिक पद्धति है। अगर आप शुरुआत कर रहे हैं, तो ऊपर बताए गए आसान योगासन आपके लिए सबसे बेहतर हैं। रोजाना 20–30 मिनट का नियमित अभ्यास आपको शारीरिक और मानसिक रूप से स्वस्थ बनाए रखेगा। धीरे-धीरे जब शरीर तैयार हो जाए, तो उन्नत आसनों की ओर बढ़ें। याद रखें – योग कोई प्रतियोगिता नहीं, यह आत्म-अनुशासन और संतुलन का अभ्यास है।

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