दूसरी पीढ़ी के कंप्यूटर | 2nd generation of computer in hindi

दूसरी पीढ़ी के कंप्यूटर | 2nd generation of computer in hindi 

 

कंप्यूटर की दूसरी पीढ़ी 1950 के दशक के अंत में उभरी और 1960 के दशक की शुरुआत तक विस्तारित हुई। इस युग में प्रौद्योगिकी में महत्वपूर्ण प्रगति देखी गई, जो वैक्यूम ट्यूब-आधारित सिस्टम से ट्रांजिस्टर का उपयोग करने वाले सिस्टम में संक्रमण का प्रतीक है। यहाँ दूसरी पीढ़ी के कंप्यूटर की प्रमुख विशेषताएं हैं:

1.ट्रांजिस्टर:
         दूसरी पीढ़ी के कंप्यूटरों की पहचान वैक्यूम ट्यूबों को ट्रांजिस्टर से बदलना था। ट्रांजिस्टर छोटे, अधिक विश्वसनीय थे और कम गर्मी उत्पन्न करते थे, जिससे कंप्यूटर के आकार में कमी आई।

 2.छोटे आकार का:
         ट्रांजिस्टर ने पहली पीढ़ी के समकक्षों की तुलना में कंप्यूटर के भौतिक आकार में काफी कमी की अनुमति दी। इससे अधिक प्रबंधनीय और कुशल डिज़ाइन तैयार हुए।

3.असेंबली भाषा और उच्च स्तरीय प्रोग्रामिंग:

         जबकि असेंबली भाषा प्रोग्रामिंग जारी रही, COBOL और FORTRAN जैसी उच्च-स्तरीय प्रोग्रामिंग भाषाओं की शुरूआत ने सॉफ्टवेयर विकास को अधिक सुलभ और कुशल बना दिया।

4.चुंबकीय कोर मेमोरी:
         दूसरी पीढ़ी के कंप्यूटर आमतौर पर चुंबकीय कोर मेमोरी का उपयोग करते हैं, जो पहली पीढ़ी की मशीनों में उपयोग की जाने वाली ड्रम मेमोरी की तुलना में मेमोरी का अधिक विश्वसनीय और तेज़ रूप है।

5.प्रचय संसाधन:
         बैच प्रोसेसिंग अधिक प्रचलित हो गई। उपयोगकर्ताओं ने पंच कार्डों पर कार्य प्रस्तुत किए, और कंप्यूटर इन कार्यों को सीधे उपयोगकर्ता संपर्क के बिना अनुक्रम में संसाधित करेगा।

6.बेहतर इनपुट/आउटपुट सिस्टम:

         चुंबकीय टेप और डिस्क ड्राइव के उपयोग से इनपुट/आउटपुट सिस्टम को बढ़ाया गया। इससे डेटा के अधिक कुशल भंडारण और पुनर्प्राप्ति की अनुमति मिली।

7.आईबीएम 1401 और आईबीएम 7090:

         दूसरी पीढ़ी के कंप्यूटरों के उल्लेखनीय उदाहरणों में आईबीएम 1401, एक लोकप्रिय व्यावसायिक कंप्यूटर, और आईबीएम 7090, एक वैज्ञानिक और अनुसंधान-उन्मुख मशीन शामिल हैं।

8.व्यावसायीकरण:
         दूसरी पीढ़ी के कंप्यूटरों ने कंप्यूटर व्यावसायीकरण की शुरुआत को चिह्नित किया। उनका उपयोग व्यवसाय, वैज्ञानिक अनुसंधान और सरकारी अनुप्रयोगों में किया गया, जिससे वे संगठनों की व्यापक श्रेणी के लिए अधिक सुलभ हो गए।


9.उच्च प्रसंस्करण (प्रोसेसिंग  स्पीड ) गति:
         पहली पीढ़ी के कंप्यूटरों की तुलना में ट्रांजिस्टर के उपयोग ने प्रसंस्करण गति (प्रोसेसिंग  स्पीड )  को बढ़ाने में योगदान दिया। इस सुधार ने अधिक जटिल गणनाओं की अनुमति दी।


10.पंच्ड कार्ड अभी भी उपयोग में:

         पंच्ड कार्ड एक आम इनपुट माध्यम बने रहे, लेकिन टेप और डिस्क स्टोरेज विकल्प धीरे-धीरे उनकी जगह लेने लगे।

दूसरी पीढ़ी ने हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर दोनों में प्रगति के साथ कंप्यूटर प्रौद्योगिकी में एक महत्वपूर्ण छलांग लगाई। ट्रांजिस्टर में परिवर्तन ने आगे के नवाचार का मार्ग प्रशस्त किया, और भी अधिक क्षमताओं वाले कंप्यूटरों की अगली पीढ़ियों के लिए मंच तैयार किया।

आशा है आपको  दूसरी पीढ़ी के कंप्यूटर | 2nd generation of computer in hindi  पर यह आर्टिकल अच्छा लगा होगा।  आप इसके वीडियो को देख कर भी कांसेप्ट को क्लियर और नोट्स त्यार कर सकते हैं।  वीडियो निचे देखें :

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